कहते हैं आप सीखने के लिए कभी भी बूढ़े नहीं होते। केरल की 96 वर्षीया कार्तियानी अम्मा इस वक्तव्य का जीवित प्रमाण हैं। अल्लापुझा जिले की कार्तियानी अम्मा ने केरल राज्य साक्षरता मिशन के ‘अक्षरालाक्षम’ साक्षरता कार्यक्रम के तहत अपनी पहली औपचारिक परीक्षा में 100 में से 98 अंक हासिल कर टॉप किया। नवंबर 1 को मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने उन्हें योग्यता प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। 

Credit : Yourstory

जनवरी 26, 2018 को केरल राज्य साक्षरता मिशन अथॉरिटी ने ‘अक्षरालाक्षम’ परियोजना शुरू की, जिसके अंतर्गत राज्य में 100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करने के लिए 47,241 अशिक्षितों को प्रशिक्षित किया गया। यह परीक्षा मुख्य रूप से लिखना, पढ़ना और गणित, इन तीन विषयों पर केंद्रित थी। कार्तियानी अम्मा ने लिखित परीक्षा में 40 में से 38 अंक प्राप्त किये थे। वहीं गणित और पढ़ने की परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक हासिल किये।

जब अम्मा छोटी थीं तब उन्हें आर्थिक परिस्थिति के कारण पढ़ाई बचपन में ही छोड़नी पड़ी थी। पति की मृत्यु के बाद 6 बच्चों की जिम्मेदारी अम्मा के कंधों पर आ गयी जिसके लिए अम्मा ने लोगों के घर में एक सफाई कर्मचारी के रूप में काम किया। कार्तियानी अम्मा अपनी बेटी द्वारा पढ़ने से प्रेरित थीं। अम्मा की बेटी ने कुछ ही साल पहले 60 वर्ष की आयु में दसवीं की परीक्षा पास की थी। 

अम्मा शाकाहारी हैं और रोज सुबह 4 बजे उठती हैं। अपने गांव के कुछ मंदिरों में एक सफाई कर्मचारी के रूप में उन्होंने काम किया है। वे दावा करती हैं कि आँखों की सर्जेरी के अलावा वे कभी भी अस्पताल नहीं गयीं। कार्तियानी अम्मा का अगला लक्ष्य है आयु के 100वें साल में दसवीं की परीक्षा पास करना। 

अपनी उपलब्धि पर कार्तियानी अम्मा ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आखिरकार सीखा है कि कैसे पढ़ना, लिखना और गणना करना है। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा और केंद्रीय मंत्री अल्फोन्स सहित कई ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी प्रशंसा की है ।

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