गरीबी इंसान को बेबस महसूस कराती है। एक रेसत्रां में एक गरीब वेटर काम कर रहा था जब एक अमीर बूढ़ा आदमी वहां आया। गरीब वेटर ने उसे खुश करने का हर संभव प्रयास किया।

वेटर ने अमीर आदमी को रेस्त्रा में सबसे बढ़िया और अच्छी चीज़ें पेश की, उसे लग रहा था कि अगर वो अमीर आदमी उससे खुश होता है, तो वह उसे भारी टिप देगा, पर आदमी ने केवल एक सैंड्विच और नींबू पानी मंगवाया।

वेटर का दिल टूट गया क्योंकि उसे पता था कि सस्ती चीज़ें भारी टिप नहीं लाती। वो मायूस होकर किचन के अंदर गया। अमीर आदमी ने खाना खाया और बिल मंगवाया, तो उसने देखा कि वेटर आंखों में निराशा और दुःख था।

उसने वेटर से पूछा, “क्या बात है? सब ठीक है न? क्या तुम्हारा ख़राब दिन चल रहा है?”

वेटर ने जवाब दिया, “मेरा तो जीवन ही खराब चल रहा है।” ये कहकर वह अपना काम करते हुए वहां से चला गया। जब वह अमीर आदमी के टेबल पर वापस आया, तो उसने देखा कि अमीर आदमी उसके लिए $10,000 की टिप छोड़ गया था।

वेटर भागकर अमीर आदमी के पास गया, जो कि अपनी कार में चढ़ रहा था। “आपने ऐसा क्यों किया?” वेटर ने अमीर आदमी से पूछा।

अमीर आदमी ने बोला, “जब मैं तुम्हारी उम्र का था, मेरा जीवन बहुत ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था और मैं रेस्त्रां में काम कर रहा था। तब वहां पर एक आदमी ने बहुत भारी टिप देकर मेरी कॉलेज की फीस देने में मेरी मदद की थी।”

“मैं आशा करता हूं कि जो पैसे मैने तुम्हे दिए, वो तुम्हारी उसी प्रकार से मदद करेंगे।” गरीब वेटर बहुत ही भावुक हो गया। उसकी आंखों से आंसू बहने लगें और वह बोला, “सर आपने अभी मेरी मां कि कैंसर की चिकित्सा के लिए मदद की है।”

कभी भी हम जब किसी की मदद कर पाएं, तो हमें करना चाहिए..करुणा और प्यार  से किया गया हर योगदान ना ही दूसरे को बल्कि स्वयं के जीवन को भी खुशहाल बनाता है।

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