गंभीर रूप से बीमार होना रोगी और उनके परिवार, दोनों के ही लिए बहुत दर्दनाक होता है। इन सज्जन और उनकी दिवंगत पत्नी ने गंभीर रूप से बीमार अनाथ बच्चों के लिए पालक माता-पिता की भूमिका निभाते हुए उनके लिए अपने घर को सुरक्षित आश्रय में बदल दिया ।

कैलिफ़ोर्निया (California) के लॉस एंजलेस (Los Angeles) के आज़ुसा (Azusa) शहर में, एक ऐसा घर है जिसे मरणासन्न बच्चों के लिए धर्मशाला में बदल दिया गया । यह मोहम्मद (Mohamed) और डॉन बज़ीक (Bzeek) का घर था।

YouTube Screenshot । gofundme

मोहम्मद बज़ीक 1978 में एक कॉलेज के छात्र के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) आए थे। वह लीबिया (Libya) के रहने वाले थे। कुछ सालों के बाद वह डॉन (Dawn) से मिले और दोनों ने विवाह कर लिया था।

मोहम्मद से मिलने से पहले, डॉन ने अपना घर उन बच्चों के लिए खोल दिया था जिन्हें तत्काल घर की आवश्यकता थी और उन्हें संरक्षण में रखना भी जरूरी था।

Credit: Getty Images । Genaro Molina

इस दंपति ने 1989 में एक साथ मिलकर अपना घर दर्जनों ऐसे बच्चों के लिए खोल दिया जिन्हें उनकी मदद की जरूरत थी। उन्हें पालक अभिभावक कक्षाओं में यह सिखाया गया था कि कैसे बच्चे के बीमारी और मृत्यु को संभाला जा सकता है। डॉन अपने समुदाय में अत्याधिक सम्मानित महिला मानी जाती थीं और वह पालक देखभाल में सुधार के लिए डॉक्टरों और नीति निर्माताओं के साथ काम करने के लिए भी जानी जाती थीं ।

1990 के दशक के मध्य में, मोहम्मद और डॉन ने फैसला किया कि वे ऐसे गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए पालक माता-पिता बनेंगे जो “पुनरुत्थान ना किया जाए” के आदेश पर थे क्योंकि कोई भी उनकी देखभाल करने के लिए तैयार नहीं था।

दुर्भाग्य से, वर्ष 2000 में, डॉन को ऐसी बीमारी लग गई थी, जिसमें उन्हें दौरे पड़ने लगे और उसके कारण वह कमज़ोर हो गई थीं। इस बीमारी के कारण उनके वैवाहिक जीवन पर भी असर पड़ा और वह जीवन से हताश हो रही थीं । इस जोड़ी ने 2013 में एक-दूसरे से तलाक ले लिया और 2014 में डॉन की मृत्यु हो गई थी।

YouTube Screenshot । gofundme

अब, मोहम्मद अपने ही बेटे की देखभाल करते हैं जो 19 वर्ष का हो गया है और जो भंगुर अस्थि रोग (Brittle Bone disease) और बौनेपन के साथ पैदा हुआ था। मोहम्मद अभी भी एक दुर्लभ मस्तिष्क दोष के साथ जन्मी एक 6 वर्षीय लड़की के लिए एक पालक पिता की भूमिका निभा रहे हैं।

YouTube Screenshot । gofundme

मोहम्मद ने कहा, “मैं जानता हूँ कि वह सुन और देख नहीं सकती है लेकिन मैं हमेशा उससे बात करता हूँ। मैं हमेशा उसे अपनी बाहों में उठाता हूँ, उसके साथ खेलता हूँ, उसे छूता हूँ… उसकी अपनी भावनाएं हैं। उसके पास एक आत्मा है। वह भी एक इंसान है।”

YouTube Screenshot । gofundme

मोहम्मद का एकमात्र मार्गदर्शक सिद्धांत प्रत्येक बच्चे को अपने बच्चे की तरह प्यार करना है। वह निस्वार्थ रूप से उनकी देखभाल इस प्रकार करते हैं क्योंकि कोई भी अन्य व्यक्ति ऐसा करने के लिए तैयार नहीं है। मोहम्मद जैसे लोगों का सम्मान करना चाहिए और हमें उनके जैसा बनने का प्रयास करना चाहिए और दूसरों की यथासंभव मदद करनी चाहिए।

Credit: Getty Images । Genaro Molina

उनकी कहानी यहाँ देखें:

Share