अगर आपसे कोई कहे कि उसे परीक्षा में 10 में से 11 नंबर मिलेगा तोआपको उसकी बातों पर विश्वास नहीं होगा। लेकिन आईएएस ऑफिसर अंकुर गर्ग ने ऐसा कर दिखाया है। और यह किसी नेशनल यूनिवर्सिटी में नहीं बल्कि विश्व के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक हार्वर्ड विश्विद्यालय की घटना है।

दी बेटर इंडिया के अनुसार, अंकुर गर्ग एक ऐसे शख्स हैं जिन्होंने पहले आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी की और फिर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी में बैठे। उन्होंने न सिर्फ यह परीक्षा पास किया बल्कि इसमें शीर्ष स्थान भी प्राप्त किया। और फिर अंकुर हार्वड विश्विद्यालय से मास्टर्स की डिग्री की पढ़ाई करने पहुंचे। उन्हें मैक्रोइकॉनॉमिक्स पाठ्यक्रम की अंतिम परीक्षा में 170 में से 171 अंक मिला, जो कि “एडमिन्स्ट्रेशन इन इंटरनेशनल डेवलपमेंट” (Public Administration in International Development) में दो साल के मास्टर्स कार्यक्रम का एक हिस्सा है, जो वे हार्वर्ड विश्वविद्यालय से कर रहे हैं।

जब इस परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया तो अंकुर को 170 में से 171 अंक मिले थे। यह कोई गलती नहीं है बल्कि विद्वता है कि उनकी कौशलता को देखते हुए हार्वर्ड ने उन्हें सर्वाधिक अंक से एक अंक ज्यादा देने से खुद को रोक नहीं पाई। उनके रिपोर्ट कार्ड पर खुद जेफरी फ्रैंक, जो कि एक अंतरराष्ट्रीय मैक्रो इकॉनॉमिस्ट हैं, ने हस्ताक्षर किया।

अंकुर अपने फेसबुक पर पोस्ट लिखते हैं, “जब मैं स्कूल में था तो मेरे पिता कहते थे कि किसी भी परीक्षा में 10 में से 10 नंबर प्राप्त करना कोई बड़ी बात नहीं है। अगर लाना ही है तो 10 में से 11 लाने की कोशिश करो। मुझे शायद ही समझ आया कि यह कैसे किया जाएगा। और आखिरकार मैंने यह कर दिखाया। मैंने मैक्रो इकॉनॉमिक्स पाठ्यक्रम में 170 में से 171 अंक प्राप्त किया। यह सब हार्वर्ड विश्विद्यालय में हुआ।”

आईआईटी दिल्ली से अपना स्नातक पूरा करने वाले अंकुर गर्ग हमेशा से आईएएस ऑफिसर बनना चाहते थे। विद्वानों की इस भूमि पर जन्में अंकुर ने एक बार फिर से विश्व को भारत देश के विद्वानता का लोहा मनवा दिया।

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