पुणे के एक मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉक्टर पुष्कर वाकनिस अपने मरीजों के इलाज के लिए किसी भी हद तक जाते हैं। ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी चेहरे, जबड़े और फेशिअल टिश्यू आदि से सम्बन्धित बीमारियों के इलाज के लिए होती हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि जो भी बच्चे उनके पास इलाज़ के लिए आते हैं उनका ऑपरेशन मुफ्त हो, क्योंकि वे मानते हैं कि छोटी उम्र में कोई भी इलाज़ हो, वह उनके बेहतर भविष्य के लिए होना चाहिए।

क्लेफ्ट का मतलब है हमारे होंठ या फिर पैलेट (तालू) या फिर दोनों में एक विकृति होना, जिसकी वजह से यहाँ की मांसपेशियां पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाती हैं और बोलने में व खाने में समस्या हो सकती है।

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डॉ. वाकनिस ने साल 2009 नीदरलैंड्स के मास्ट्रिच विश्वविद्यालय (Maastricht University) से अपनी पढ़ाई पूरी की। उसी दौरान उन्हें बच्चों के क्लेफ्ट का ऑपरेशन फ्री करने का विचार आया। लेकिन इसके दो साल बाद तक वे इस पर कोई काम नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें ऐसा कोई हॉस्पिटल या फिर डॉक्टर नहीं मिला जो उनके इस प्रोग्राम में मदद करे।

डॉ वाकनिस ने बताया, “साल 2011 में मैं एक आर्थोपेडिक सर्जन डॉ नीरज अड़कर से मिला, जिन्होंने पुणे में साईंश्री अस्पताल शुरू किया था। उन्होंने इस प्रोग्राम में रूचि दिखाई और साल 2012 में यह शुरू हुआ, जिसे डॉ नीरज ने ‘स्प्रेडिंग स्माइल्स’ नाम दिया।”

जो पहल कभी एक डॉक्टर के जूनून के रूप में शुरू हुई, आज उसे एक अस्पताल और एक टीम का समर्थन मिल रहा है और ये सभी लोग बच्चों के लिए मुस्कान लाने का काम कर रहे हैं। हर साल वे 25 से 40 बच्चों का ऑपरेशन करते हैं। डॉ वाकनिस कहते हैं कि उनके मरीजों से मिलने वाली सकारात्मक प्रतिक्रिया से उन्हें संतुष्टि मिलती है।

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