ऐसी दुनिया में जहां सभी खिलौने “पूरी तरह से स्वस्थ” हैं, वहीं इस दिव्यांग माँ ने दिव्यांग बच्चों का प्रतिनिधित्व करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, इसलिए उन्होंने खिलौनों को फिर से डिज़ाइन करने के कार्य पर काम किया जिससे विशेष रूप से विकलांग बच्चे जुड़ सकते हैं और खेल सकते हैं।

खिलौनों के बिना बचपन अधूरा है, और यदि कोई बच्चा अपनी मनोदशा के कारण अपने बहुमूल्य खिलौने जो उन्हें पसंद है, से सम्बन्धित हो सकें, तो यह सबसे बेहतर है। बच्चों के लिए उनके बहुमूल्य खिलौने सिर्फ किसी निर्जीव सजावट के टुकड़े नहीं हैं बल्कि “जादुई प्राणियों” की तरह हैं जो न केवल उन्हें समझते हैं बल्कि उनके साथ संवाद भी करते हैं!

दुनिया भर के लाखों बच्चे जो जन्मजात दोष या जो बच्चे दुर्भाग्य से असक्षम हैं, उनके लिए खिलौना उद्योग में आज भी ऐसे खिलौनों की कमी है जिसे विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चे स्वीकार कर पायें।

एक आंशिक रूप से बहरे, ब्रिटिश पत्रकार, रेबेका एटकिंसन, ने अप्रैल 2015 में “टॉय लाइक मी” नामक खिलौने का रचनात्मक संग्रह शुरू किया, जिन्होंने एक विशेष कार्य के तहत उन विकलांग बच्चों को समाज में शामिल करने के लिए जागरूकता पैदा की, जो दूसरों बच्चों के जैसे ही योग्य हैं।

“उन्होंने मेट्रो को बताया, की उन्हें याद है की कैसा महसूस होता है उस बच्चे को जिसने खुद को मुख्यधारा में कभी नहीं देखा और यह क्या असर करती है बच्चे के विकलांगआत्मसम्मान पर।

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Rebecca Atkinson (Credit: Toylikeme.org)

“रेबेका कहती है की वे इसे पीढ़ियों के लिए बदलना और विश्व स्तरीय ब्रांड्स के उत्पादनों में विकलांगता के महत्व को शामिल करना चाहती है।”

“ब्लू पीटर शो पर किसी व्यक्ति को हियरिंग ऐड पहने देखकर, रेबेका ने याद करते हुए कहा की उन्होंने अपने जैसे दिव्यांग व्यक्ति को कभी टीवी पर नहीं देखा था, उन्हें देखकर रेबेका को लगा की वह व्यक्ति तो उन्ही के जैसा था और इसी बात ने उनके अंदर आत्मसम्मान की भावना जागृत की।

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Credit: Toylikeme.org

टॉय लाइक मी की वेबसाइट के मुताबिक रेबेका ने टीवी उत्पादन और प्रिंट पत्रकारिता (बच्चों की बीबीसी पत्रिका समेत) में 20 साल बिताए थे और हमेशा से ही उनकी रूचि इस बात में रही थी की कैसे रचनात्मक तरीके से ये उद्योग विकलांगता का अंतर दर्शाते है।

रेबेका ने लेखक मेलिसा मोस्टिन, रॉगोल के पूर्व खेल सलाहकार, और करेन नेवेल जिनके बेटे को दृष्टि क्षीणता थी, उन्हें उनकी किचन टेबल नामक परियोजना में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

इस छोटी सी टीम ने टॉय लाइक मी का शुभारंभ करने के लिए,  विश्वस्तरीय  खिलौना उद्योगों को बुलाकर उन्हें, दुनिया भर के 15 करोड़ बच्चों को सकारात्मक सोच बनाये रखने और असामान्य संस्कृति का अंत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

टीम ने अपने फेसबुक पेज और ट्विटर की स्थापना की है, जो खिलौनों के माध्यम से असमर्थता का जश्न मना रहा है ताकि लोग इस विषय में और जागरूक हो सके।

“उनकी वेबसाइट का कहना है की वो विकलांगता को सिर्फ अस्पतालों और अव्यवास्तिथ संगठनो में सिमित नहीं रखना चाहते, वे कुछ नयापन लाना चाहते थे इसलिए उन्होंने अनोखे खिलौने जैसे कुत्तों को गाइड करने वाली परियाँ और जादुई व्हीलचेयर देकर जश्न को और भी मज़ेदार बनाया। इसका परिणाम जल्द ही वायरल हो गया और उनकी ये कहानी दुनिया भर के समाचार केन्द्रों पर शेयर की गई।”

दृष्टिहीन बच्चों के लिए, टीम ने “रसोई” के प्रसिद्ध खिलौनों को मार्गदर्शक के रूप में डिजाईन किया इन बच्चों के पास अब प्लेमोबिल के व्हीलचेयर मेन, बाँस की सहायता से चलने वली गुडियाँ और छोटे छोटे घोड़े हैं, जिसे उन्होंने अपना विशेष साथी माना।

The toys we know and love, but a little bit different
Credit: Toylikeme.org

रेबेका और करेन ने change.org पर एक याचिका शुरू की जिसमें उन्होंने प्लेमोबिल से अनुरोध किया की वो इस तरीके के खिलौने बनाने में उनकी सहायता करे।

“पचास हज़ार से ज्यादा लोगो ने इस याचिका के लिए अपने हस्ताक्षर किए जिसके लिए प्लेमोबिल संगठन के लोगो ने हामी भर दी और प्लेमोबिल ने टॉय लाइक मी से प्रेरित होकर खिलौने को बनाना करना शुरू कर दिया।

हालांकि, यह सिर्फ शुरुआत थी, लेकिन पिछले साल जनवरी में, लेगो द्वारा बनाया गया सबसे पहला व्हीलचेयर वाला खिलौने का उद्घाटन कनूर्नेबर्ग के खिलौनों के मेले में हुआ।

Rebecca, Karen and Melissa have already raised £16,780
Credit: Toylikeme.org
One of the Ana dolls adapted to have a cochlear implant, like her owner
Credit: Toylikeme.org

पिछले साल फरवरी में, उनकी टीम ने चमकदार गुलाबी हियरिंग ऐड पहने टिंकरबेल नामक सुन्दर गुड़िया बनाई और फेसबुक पर तस्वीर प्रकाशित की। यह तस्वीर इंटरनेट पर आग की तरह फ़ैल गयी जिसने दुनिया भर की प्रेस को अपनी और आकर्षित किया।

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कैरेंस कहती है, “जब मैंने पहली बार टिंकरबेल को हियरिंग ऐड पहने हुए देखा तो उसने मेरा दिन बना दिया!” कैरन ने यह भी बताया की, “माता-पिता के रूप में हम इस तरह के खिलौनों की सहायता से विकलांगता के प्रति जागरूकता पैदा कर सकते है और इससे जुड़ने का महत्व पूरी तरह से अनमोल लगता है। “कैरन ने मेट्रो को बताया की उनकी बेटी मटिल्ड के दोनों कानो में हियरिंग ऐड लगे हुए है और इसीलिए कैरेंस को लगता है की मटिल्ड टिंकरबेल के साथ खेलना पसंद करेगी क्योंकि वह भी उसी के सामान है ।

“रेबेका ने बताया की टिंकरबेल गुड़िया को इस तरह बनाया गया है की उसे विशेष रूप से माता-पिता के साथ प्रतिध्वनित किया जा सके। और सच्चाई यह है की डिज़नी के लिए हियरिंग ऐड वाले मॉडल बनाना कितना सरल है वो इन बच्चों को मुख्यधारा में शामिल करने की आवश्यकता की गहराई से पता चलता है।

इस खूबसूरत योजना को देखकर ऐसा लगता है सफलता अब दूर नहीं है, क्योंकि टीम पूरी तरह से केंद्रित है और दुसरे लोगो को भी इसे प्रचारित करने के लिए प्रेरित करती है।

खुले दिल और दिमाग के साथ विकलांगों को समाज में शामिल करना सबसे महत्वपूर्ण है। केवल इस तरह ही मासूम और निसहाये बच्चे अपने भविष्य में आत्मविश्वास और पराक्रम के साथ चलने में सक्षम होंगे!

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