मध्यप्रदेश में 750 मेगावाट के रीवा सोलर पावर प्रोजेक्ट में शुक्रवार को परिचालन शुरू हुआ। इस सौर ऊर्जा संयंत्र से दिल्ली मेट्रो को बिजली की आपूर्ति की जाएगी। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (एमपीयूवीएनएल) ने कहा कि उसका सबसे बड़ा लाभार्थी दिल्ली मेट्रो होगा।

एमपीयूवीएनएल द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि संयंत्र 1,590 एकड़ में फैला हुआ है और इसका परिचालन रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। यह दुनिया में सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, परियोजना के लिए बोली का आयोजन ऑनलाइन किया गया। परियोजना में ₹4,000 करोड़ का निवेश किया गया है।

एमपीयूवीएनएल के अनुसार, परियोजना से सालाना 15.4 लाख टन कार्बन डाईऑक्साइड के उत्पादन में कमी आएगी। यह परियोजना महिंद्रा रीन्यूएबल्स, एसीएमई सोलर होल्डिंग और सोलेनगेरी पावर द्वारा विकसित की जा रही है।

रीवा सौर ऊर्जा संयंत्र स्वच्छ प्रौद्योगिकी कोष से 0.25 फीसदी ब्याज पर 40 साल की अवधि के लिए प्राप्त धन से तैयार भारत की पहली सौर ऊर्जा परियोजना है। यह भारत का पहला सोलर पार्क है जिसे विश्व बैंक से रियायती ऋण मिला है।

इस परियोजना से राज्य डिस्कॉम को ₹4600 करोड़ और दिल्ली मेट्रो को ₹1400 करोड़ की बचत होने की संभावना है।

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