बॉलीवुड के रोमांस किंग शाहरुख खान और अभिनेत्री काजोल की फिल्म “दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे” (डीडीएलजे) किसे याद नहीं। अक्टूबर 20, 1995 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने पूरे भारत में तहलका मचा दिया। इस फिल्म के निर्देशक थे आदित्य चोपड़ा, जो उस समय सिर्फ 22-23 साल के थे। यश चोपड़ा की इस सुपरहिट फिल्म को रिलीज हुए आज 23 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर आज हम आपको इस सुपरहिट फिल्म से जुड़ी कुछ रोचक कहानियों के बारे में बतायेंगे।

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1.  पहले इस फिल्म का टाइटल “द ब्रेवहर्ट विल टेक द ब्राइड” (The braveheart will take the bride) रखा जाना था और इस फिल्म के डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा इस फिल्म के लिए टॉम क्रूज को इस फिल्म में हीरो लेने वाले थे लेकिन कुछ कारणों की वजह से ऐसा नहीं हो सका और इस फिल्म में बॉलीवुड के किंग खान कहे जाने वाले शाहरुख खान को साइन किया गया।

2. इस फिल्म का फाइनल टाइटल अनुपम खेर की पत्नी किरण खेर ने दिया जो था दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (Dilwale Dulhania Le Jayenge)।

3. डीडीएलजे की स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद शाहरुख इस फिल्म के लिए तैयार नहीं थे। आदित्य चोपड़ा को शाहरुख के साथ 4 मीटिंग करनी पड़ी, तब जाकर उन्होंने रोल स्वीकार किया। अब जरा आप खुद ही सोचिए अगर शाहरुख नहीं मानते तो राज के किरदार में आज आप सैफ अली खान को देख रहे होते।

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4. काजोल यानी की सिमरन के मंगेतर (कुलजीत) के रोल के लिए पहले अरमान कोहली से बात की गई थी लेकिन जब फिल्म का ऑडिशन चल रहा था तब परमीत सेठी बूट्स, जीन्स और वेस्टकोर्ट पहन कर आए और स्क्रीन टेस्ट में पास हो गए। फिर क्या था ये रोल परमीत सेठी को मिल गया।

5. सुपरहिट गाना “तुझे देखा तो ये जाना सनम” जिन पीली सरसों के खेतों में शूट हुआ है, वो गुड़गांव में है और गाने की शूटिंग के दौरान हरियाणा के किसानों ने फिल्म की यूनिट के खिलाफ प्रोटेस्ट करना शुरू कर दिया था क्योंकि शूटिंग के दौरान उनकी फसलों का बहुत नुकसान हुआ था लेकिन उस वक्त शाहरुख खान ने हरियाणवी बोलकर किसानों का विरोध शांत कर दिया।

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6. फिल्म में अनुपम खेर शाहरुख को अपने दादा परदादा की पढ़ाई में नाकामयाबी के किस्से सुनाते हैं। दरअसल अनुपम खेर उस वक्त अपने सगे अंकल का किस्सा सुनाते हैं जो कि वाकई पढ़ाई में कुछ खास अच्छे नहीं रहे। इतना ही नहीं अनुपम खेर का रोल भी खुद यश चोपड़ा की जिंदगी से प्रेरित था।

7. दिलवाले दुलहनिया ले जायेंगे मंदिरा बेदी की पहली फिल्म थी, जिसके साथ उन्होंने बड़े पर्दे पर अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी।

8. फिल्म का पहला रिकॉर्ड होने वाला गाना था “मेरे ख्वाबों में जो आए” था। शायद आप इस बात से अंजान होंगे कि इस गाने के लिरिक्स को आदित्य चोपड़ा ने आनंद बक्शी से 24 बार बदलवाए थे।

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9. फिल्म डीडीएलजे के एक गाना “रुक जा ओ दिल दीवानी” की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री काजोल से यह बात छुपाई गई थी कि गाने के अंत में शाहरुख खान उन्हें नीचे गिराने वाले हैं। इस फिल्म के डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा ने जानबूझकर ऐसा किया था क्योंकि वे काजोल का इसमें असली भाव शूट करना चाहते थे और हुआ भी वही तो दोस्तों इस गाने के अंत में जब राज अपनी सिमरन को नीचे पटकता है तो वह सिमरन अर्थात काजोल का असली भाव है।

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